Poetry

मोटिवेशनल कविताएँ ! Motivational Poem in Hindi ! Inspiration Poem

Motivational Poem in Hindi: दोस्तों आज में कुछ बेहतरीन Hindi Poems on Life Inspiration का संग्रह दिया गया हैं! यह मोटिवेशनल कविताएँ इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके अन्दर नई उर्जा का प्यार हो जाता हैं. जो आपके जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देता हैं! और जीवन में होने वाली असफलताओं के कारण निराशा से बाहर निकलने में मदद करता हैं.

दोस्तों आज में आपको Motivational Poetry in Hindi देने जा रहा हूँ ये अब तक का बेस्ट कलेक्शन है सिर्फ आपके लिए, आप अपनी सारी प्यार भरी बाते अपनी गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड एंड अपने हार्ट टचिंग पर्सन को भेज सकते है व्हाट्सप्प या फेसबुक पर, आशा करता हूँ आपको ये पसद आएगी। Must Check Out Motivational Thoughts in Hindi.

Motivational Poem

Motivational Poem

चिराग़ रातों में रोशन होते रहे हैं हमेशा,
हम उन चिरागों में दफ़न होते रहे हैं हमेशा!
शमा जलती है आखिर-ए-शब तक हमेशा,
दर्द सीने में उठता है उस रोशनी में हमेशा!
ज़ार-ज़ार अरमान होते हैं रातों में हमेशा,
यार मेरे चैन से सोते हैं उन रातों में हमेशा!
लगता है ग़मों का मेला शब ढले हमेशा,
याद आते हैं वो और उनकी बातें शाम ढले हमेशा!


Motivational Poem in Hindi: सफ़र में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो

सफ़र में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो
सफ़र में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में, तुम भी निकल सको तो चलो
इधर-उधर कई मंजिल है, चल सको तो चलो
बने बनाये हैं साँचे, जो ढल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं
तुम अपने आप को खुद बदल सको तो चलो
यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता
मुझे गिराके अगर तुम संभल सको तो चलो
यही है जिंदगी कुछ ख्वाब चंद उम्मीदें
इन्हें खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
हर एक सफ़र को है मह्फूज़ रास्तों की तलाश
हिफाज़तों की रिवायत बदल सको, तो चलो
कहीं नहीं कोई सूरज, धुआँ-धुआँ है फिज़ा
ख़ुद अपने आप से बाहर निकल सको, तो चलो.

निदा फ़ाज़ली

Inspirational Poems in Hindi

Inspirational Poems in Hindi

खुद को ही शुक्रिया कहता हु,
खुद से ही मांगी माफ़ी हैं,
प्यार के लिए दुसरो की जरुरत नहीं,
मेरा दिल ही मेरे लिए काफ़ी हैं…
खुद से ही ख़ुद का ख़याल रखता हु,
ना किसी की मुझे दरकार है,
मेरे दिल पर राज सिर्फ मेरा हैं,
ना किसी की यहाँ कोई सरकार हैं..

Motivational Poems in Hindi for Students

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, बार बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर एक बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।


Motivational Kavita in Hindi: बाधाएं आती हैं आएं

बाधाएं आती हैं आएं
घिरे प्रलय की घोर घटाएं
पावों के नीचे अंगारे
सिर पर बरसे यदि ज्वालाएं
निज हाथों से हंसते-हंसते
आग लगाकर जलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा
हास्य-रूदन में, तूफानों में
अगर असंख्य बलिदानों में
उद्यानों में, वीरानों में
अपमानों में, सम्मानों में
उन्नत मस्तक, उभरा सीना
पीड़ाओं में पलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा
उजियारे में, अंधकार में
कल कछार में, बीच धार में
घोर घृणा में, पूत प्यार में
क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में
जीवन के शत-शत आकर्षक
अरमानों को दलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा
सम्मुख फैला अमर ध्येय पथ
प्रगति चिरंतन कैसा इति अथ
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ
असफ़ल, सफ़ल समान मनोरथ
सब कुछ देकर कुछ न मांगते
पावस बनकर ढलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा
कुछ कांटों से सज्जित जीवन
प्रखर प्यार से वंचित यौवन
नीरवता से मुखरित मधुबन
पर-हित अर्पित अपना तन-मन
जीवन को शत-शत आहुति में
जलना होगा, गलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा

अटल बिहारी वाजपेयी

Motivational Poetry in Hindi

Motivational Poetry in Hindi

जिंदगी की एक अजीब सी दास्ताँ है,
हम आज यहाँ तो कल वहाँ है,
कुछ सफर इस जिंदगी को खास बनाते है,
कुछ दिल दहलाने वाले हादसों से मिलाते है,
तो कुछ इस ज़िन्दगी में नए सबक और सीख दे जाते है।


Motivational Kavita in Hindi: ना खड़ा तू देख गलत को

ना खड़ा तू देख गलत को
अब तो तू बवाल कर

चुप क्यों है तू
ना तो अपनी आवाज दबा
अब तो तू सवाल कर

ना मिले जवाब
तो खुद जवाब तलाश कर

क्यों दफन है सीने में तेरे आग
आज आग को भी
तू जलाकर राख कर

कमियों को ना गिन तू
ना उसका तू मलाल कर

कुछ तो अच्छा ढूंढ ले
ना मन को तू उदास कर
जो भी पास है तेरे
तू उससे ही कमाल कर

तू उठ कुछ करके दिखा
ना खुद को तू बेकार कर

खुद मिसाल बनकर
जग में तू प्रकाश कर
सोचता है क्या तू
तू वक्त ना खराब कर

जिंदगी जो है तो
जी के उसका नाम कर
रास्ते जो ना मिले
तो खुद की राह निर्माण कर

काल के कपाल पर
करके तांडव तू दिखा
दरिया जो दिखे आग का
प्रचंड अग्नि बन कर
तू उसे भी पार कर

बबली निषाद


मुझसे मेरी मुलाकात रोज़ करवाता है
आईना मैं लाख चेहरा घुमाऊं खुद को
बड़ा दिखलाऊँ चेहरे के मुखोटे को
किसी तरह भी सच ठहराऊं पर
हर पल झूठ को झुठलाता है
आईना मेरी असलियत, मुझे ही रोज़ दिखलाता है
आईना मुझसे मेरी मुलाकात रोज़.

Motivational Poems Hindi

Motivational Poems Hindi

जहां परेशानियां ना मिले
उस सफर में सतर्क रहना,
वो मंज़िल तक नही भीड़ तक जाता हैं।


अब चांद समझना ही नहीं
अब तुझसे मिलना ही नहीं।
राहों से गुज़रना है तन्हा
अब तेरे लिये रुकना ही नहीं।
ऊंचा रखूंगा सर अपना मैं
अब तेरे लिये झुकना ही नहीं।
हर बात में मेरी नाम तेरा
जा ढूंढ़ले तू मिलना ही नहीं।।

Motivational Poem in Hindi

Motivational Poem in Hindi

तू रुक तो जरा मेरे लिए ख्वाबो मे मैं भी हू।
मेरे सपनो का एक आसमाँ लिए..
चोखट पे तेरी सोया था, ये सोचके
के दिन चड़ते ही पीने को पानी और
खाने को निवाला मिलेगा
कुछ पल के लिए सही सुकून का
एक आशियाना मिलेगा
आँख खुलते ही,
आँख बंद करके ये आसूँ है
मैने कितनी बार पिए तू रुक तो जरा मेरे लिए,
खवाबों में मैं भी हू
मेरे सपनो का एक आस्मा लिए.


Best Inspirational Poems in Hindi: गति प्रबल पैरों में भरी

गति प्रबल पैरों में भरी
फिर क्यों रहूं दर दर खड़ा
जब आज मेरे सामने
है रास्ता इतना पड़ा
जब तक मंजिल न पा सकूं
तब तक मुझे न विराम है
चलना हमारा काम है.
कुछ कह लिया, कुछ सुन लिया
कुछ बोझ अपना बंट गया
अच्छा हुआ, तुम मिल गई
कुछ रास्ता ही कट गया
क्या राह में परिचय कहूं
राही हमारा नाम है
चलना हमारा काम है.
जीवन अपूर्ण लिए हुए
पाता कभी खोता कभी
आशा निराशा से घिरा
हँसता कभी रोता कभी
गति-मति न हो अवरूद्ध
इसका ध्यान आठो याम है
चलना हमारा काम है.
इस विषद विश्व-प्रहार में
किसको नहीं बहना पड़ा
सुख-दुःख हमारी ही तरह
किसको नहीं सहना पड़ा
फिर व्यर्थ क्यों कहता फिरूं
मुझ पर विधाता वाम है
चलना हमारा काम है.
मैं पूर्णता की खोज में
दर-दर भटकता ही रहा
प्रत्येक पग पर कुछ न कुछ
रोड़ा अटकता ही रहा
निराशा क्यों मुझे?
जीवन इसी का नाम है
चलना हमारा काम है.
साथ में चलते रहे
कुछ बीच ही से फिर गए
गति न जीवन की रुकी
जो गिर गए सो गिर गए
रहे हर दम
उसी की सफ़लता अभिराम है
चलना हमारा काम है.
फ़कत यह जानता
जो मिट गया वह जी गया
मूंदकर पलकें सहज
दो घूंट हँसकर पी गया
सुधा-मिक्ष्रित गरल
वह साकिया का जाम है
चलना हमारा काम है.
शिवमंगल सिंह ‘सुमन’


अपनी कमजोरी को त ताकत फिर बनाले।
जीन्दगी की सभी गमो को चाहे गले लगा ले।।
नए जोश के साथ फिर तू ।
इस सूर को भी अपना ले।।
कर दे कुछ एसा कि सोचे देखने वाले।
दृढ संकल्प और अटल फैसला
अपने मन में बैठा ले।
चाहे कोशीशे कीतनी भी हो।
अपनी कमजोरी को तू ताकत फिर बनाले।
जीन्दगी की सभी गमो को चाहे गले लगा ले।
जीन्दगी की सभी गमो को चाहे गले लगा ले।
मत हार ये जीतने वाले। इरादे कर ले अपने पक्के,
तू है मंजीलो को पाने वाले।।

Hindi Poems on Life Inspiration

Hindi Poems on Life Inspiration

हमने कहा न !!
आप नाहक परेशान होते हैं।
हम शिकायत करने वालों में से है ही नही
शिकायतें नुकसान से निकलती हैं,
शिकायतें हिसाब मांगती हैं…और,
जो हिसाब करते हैं,
वो इश्क नहीं करते। और हाँ,
इश्क में हिसाब होते भी नहीं।
हमने कहा न !!
आप नाहक परेशान होते हैं!


काश जिंदगी मेरी कोई किताब होती,
जिक्र तुम्हारे पन्नो को में फाड़ देती ।
स्याही जिस कलम की ईसतमाल होती,
उस काँच की शीशी को में उजाड़ देती ।
सहारा क्यों दिया तुमने,
जबकि खुद को में संभाल लेती ।
हाँ गिरती कही बार , चूने मेरे रास्तो पर,
लेकिन विश्वास है मुझे, खुद को में संभाल जाती!
मैं दिखावे कि तुम्हारे उन बातो को,
काश,पहले ही में पहचान पाती।
जाहिर कर देते वो राज़, जो दिल मे थे तुम्हारे।
सच कहती हूँ, अपने जिक्र को भी,
तुम्हारे (जिन्दगी की ) किताब में टाल देती!


कुछ करना है, तो डटकर चल।
थोड़ा दुनियां से हटकर चल।
लीक पर तो सभी चल लेते है।
कभी इतिहास को पलटकर चल॥
बिना काम के मुकाम कैसा? बिना मेहनत के
दाम कैसा? जब तकना हाँसिल हो मंज़िल
तोराह में, आराम कैसा?
अर्जुन सा, निशाना रख।
मन में,ना कोई बहाना रख!
लक्ष्य सामने है, बस उसी पें
अपना ठिकाना रख॥
अपने कर्मों से प्यार कर।
मिलेगा तेरी मेहनत का फल।
किसी और का इंतज़ार कर
जो चले थे अकेले उनके पीछे आज मेले है,
जो करते रहे इंतज़ार उनकी
जिंदगी में आज भी झमेले है।।

Best Motivational Kavita in Hindi

Best Motivational Kavita in Hindi

छोटी सी है ज़िन्दगी हर बात में खुश रहो,
जो चेहरा पास न हो,
उसकी आवाज़ में खुश रहो,
कोई रूठा हो आपसे,
उसके अंदाज़ में खुश रहो,
जो लौट के नहीं आने वाले,
उनकी याद में खुश रहो,
कल किसने देखा है,
अपने आज में खुश रहो.


हमे हराना चाहा हर एक
शख्स ने पर हमें तो सहारा था
एक तेरा जब तक तू है साथ हमारे
ओ खुदा हमे नही डर किसीभी
मुसीबत का ना रुके है ना रुकेंगे
कभी भी बढ़ते रहना ही सीखा है
हमने इस बेदर्द दुनिया से।


हमको किसी से कम ना समझो अभी,
तुमने हमें जाना नहीं है, अभी देखी है
तुमने इन लोगों की राहें ठहरो थोड़ा,
हम भी तुम्हें अपनी इक राह दिखाएँगे,
कम गहरे ना होंगे किसी से,
हमारे कदमों के निशाँ
जो उस राह पर हम छोड़ कर जाएँगे..।।

Hindi Motivational Poems

Hindi Motivational Poems

युही बैठे बैठे अब सोचती हूँ
मैं गुफ्तगू ख्वाहिशों से या तन्हाई से
आंखे मंद सपने संजोये प्यार के
जैसे बीज पिरोये बिखरी माला
सपनो की टूटे दिल का मैं क्या करू
समंदर ने लकीर मिटाकर
बरखा से इश्क फरमाकर
दोखे से साहिल को लूटा
ऐसी बेवफाई का मैं क्या करू
गुफ़्तगू ख्वाहिशों से या
तन्हाई से लड़ पडू युही बैठे बैठे
अब सोचती हूँ मैं क्या करूं


हम मन के कैदी,
मन में मन से हार मनाते
थोड़ी सी असफलता से ही,
हैं हम घबराते न कोशिश हम फिर दोहराते.
हम जी हैं चुराते,
हम मन के कैदी मन में मन से हार मनाते
बस रोते जाते, हम मन के कैदी.


कोरा कागज पूछ रहा है मुझसे कि,
आज फिर दर्द से भिगोया क्यों नही
लफ्ज़ो को मुझमें मोती सा पिरोया क्यों नहीं
कोरा कागज़ पूछ रहा है मुझसे कि,
बेरुखी से ही सही मुझे सज़ोया क्यों नही
दर्द तो कम हुआ नही फ़िर आज रोया क्यों नहीं
कोरा कागज पूछ रहा है मुझसे कि,
लग चुके थे दाग जब मुझपे तो उसे
धोया क्यों नही जिसे पाकर सुकून
ना मिला उसे खोया क्यों नही
कोरा कागज पूछ रहा है मुझसे.

Hindi Poetry on Life

Hindi Poetry on Life

करवाता है आईना
झूठी तसल्ली नहीं आती देनी मुझे,
कड़वा ही सही सच का स्वाद जानता हूँ।
दो चार अपने हैं मेरे इस दुनिया मे,
आप सब को मैं उनके बाद जानता हूँ।


आंखों में एक सपनों का बादल आज भी बाकी है,
तुझसे जो कि थी मोहोब्बत वो आज भी बाकी है।
डूबना तो ईश्क़ के किस्मत में लिखा है शायद,
वरना तेरे प्यार का थोड़ा सा असर आज भी बाकी है।


नैना हैं नवाबी तेरी देखतें हैं
सब चीज़ प्यारी । नटखट हैं
नैना तेरी करती हैं ख़याल मेरी।
नैना हैं दिलकश तेरी करते हैं दिलखुश मेरी।
नैनों में हैं खुदा की नूर मुझे लेजाते हैं चंद्रमंडलपूर।
नैना हैं नवाबी तेरी फिर भी समझ न पाते हैं
इस शायरी । हे मेरी नैना, बस कर अब
ये नैनों से जादू की बहना समझ ले ज़रा
इस शायर का परवाना।

Motivational Poems in Hindi

Motivational Poems in Hindi

मुझे जब जब तेरी जरूरत थी
तुझको अपने पास खड़ा पाया
खाना ना खाऊ जब जब मैं रातों को खाना खाओ
पहले फ़िर बात करो तुझको
इस बात पर अड़ा पाया रातों को
जब भी अकेला महसूस हुआ
मुझको तुझको सुबह तक
अपने साथ जगा पाया
जब जब सोचता हूँ तु कितनी प्यारी
और महान है यार तब तब
तुझको उस औदे से और भी बड़ा पाया


बैठ जाओ सपनों के नाव में,
मौके की ना तलाश करो,
सपने बुनना सीख लो।

खुद ही थाम लो हाथों में पतवार,
माझी का ना इंतजार करो,
सपने बुनना सीख लो।

पलट सकती है नाव की तकदीर,
गोते खाना सीख लो,
सपने बुनना सीख लो।

अब नदी के साथ बहना सीख लो,
डूबना नहीं, तैरना सीख लो,
सपने बुनना सीख लो।

भंवर में फंसी सपनों की नाव,
अब पतवार चलाना सीख लो,
सपने बुनना सीख लो।

खुद ही राह बनाना सीख लो,
अपने दम पर कुछ करना सीख लो,
सपने बुनना सीख लो।

तेज नहीं तो धीरे चलना सीख लो,
भय के भ्रम से लड़ना सीख लो,
सपने बुनना सीख लो।

कुछ पल भंवर से लड़ना सीख लो,
समंदर में विजय की पताका लहराना सीख लो,
सपने बुनना सीख लो।

नरेंद्र वर्मा


शायर ज़रा पुराना हूँ
नज़रों में सबकी अभी अभी छा रहा हूँ..
अधूरी सी जो है दास्तां तेरी मेरी
वो भरी महफ़िल में सबको सुना रहा हूँ..
कुछ किस्से थे, कुछ बातें थी जो बतानी थी
तुझे खैर, तू नहीं है तो उन अल्फ़ाज़ों को
पन्नों पर सजा रहा हूँ..
कुछ यादें दिल मे दबा रहा हूँ
तेरे किस्से सरे आम सुना रहा हूँ..


धरा हिला, गगन गुंजा
नदी बहा, पवन चला
विजय तेरी, विजय तेरी
ज्योति सी जल, जला
भुजा-भुजा, फड़क-फड़क
रक्त में धड़क-धड़क
धनुष उठा, प्रहार कर
तू सबसे पहला वार कर
अग्नि सी धधक-धधक
हिरन सी सजग-सजग
सिंह सी दहाड़ कर
शंख सी पुकार कर
रुके न तू, थके न तू
झुके न तू, थमे न तू
सदा चले, थके न तू
रुके न तू, झुके न तू
हरिवंश राय बच्चन

Motivational Poem in Hindi

मुझे तो अँधेरों में जलना भी आता है
राह कितनी भी मुश्किल हो पर चलना भी आता है।।

कितने भी पत्थर बिछा दो तुम राहों में कोई फर्क नहीं पड़ता
क्योंकि मुझे गिरकर संभलना भी आता है।।

हम नहीं मानते कि ये सब किस्मत में लिखा था
इरादे के पक्के हैं हमें किस्मत बदलना भी आता है।।

तुम्हें क्या लगता है हम यूँ ही रेंगते रहेंगे जमीन पर
थोड़ी दम तो भरने दो हमें उछलना भी आता है।।

तूने ये कैसे सोच लिया कि हम भी पत्थर दिल हैं तेरी तरह
अरे तुम नज़रें तो झुकाओ हमें पिघलना भी आता है।।


हम राह को बदलना नहीं चाहते हैं
हम राह को बदलना नहीं चाहते हैं,
हम राह बनाना चाहते हैं…
जो खुद पथ के राही हो,
वो सिर्फ राह चलना चाहते हैं…

जिंदगी की सफर खत्म नहीं होती,
वो सिर्फ चलती ही रहती है…
भले हम रूक जाये खुशी से,
वो दुःख में भी चलते रहते हैं…

भाग्य मंदिर जाकर नहीं बदलते हैं,
भाग्य तो खुद ही बनते हैं…
और जो कर्मवीर होते हैं,
वो भाग्य के भरोसे नहीं रहते हैं…

रास्ते कभी कठिन नहीं होते,
वह तो सीधे – सरल होते हैं…
जो यह जानकर भी आगे न बढ़े,
कसम से! वो बड़े मुर्ख होते हैं…

आदित्यराज

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