Bhojpuri sad shayari 2 line
हमरा दिल के धड़कन बडू तू,
ई सजल मएफिल के बाहर बडू तू,
हमारा अंखिया के इंतिजार बडू तू,
हमारा जिंदगी के पहिला प्यार बडू तू...!!!!
के रात दिन बस तोहरे के याद,
करीला हमार अंखियां मे लोर तो,
हरे प्यार के रहिला...!!!
मोहब्बत पर य़ेतना यकिन ना रहे,
जेतना तहरा पर बा,
बस येतना खयाल रखिह,
अगर वफा ना सकेल त,
धोखा भी मत दीह....!!!
चुपके से आ के,
हमारा दिल मे समा जालु,
सास में भी,
खुशबू बन के बिखर जालू,
कुछ आइसने भईल बा,
तोहरा से प्यार
सुतलो में और जगलो में,
बस तुही नजर आवेलु....!!!
उजरल घर मे अब केके ढूँढ़त बाड तु,
बरबाद भईला पर ओकर,
ठिकाना ना रहेला....!!!
हर कोई पूछत ता,
इ आँख में नमी काहे बा,
कइसे कही की इ आँख में,
आसू के वजह रउवे बानी,
जियत बानी जिंदगी लेकिन
हमर जीये के वजह भी रउवे बानी..!!!
प्यार के दिया जला के त देख ल,
तइका सा दिल के दुनिया सजा के त देख ल,
तोहरो के ना होई प्यार त कही ह,
तइका हमरा से अंखिया मिला के देख ल...!!!!
दिल रो अता तहरा बिना ई बताई कइसे,
आपन अर्थी खुद ढोव तानी ई बताई कइसे,
तूत रह रहल बाडू ससुराल मे खुशी खुशी...!!!
तन्हाई के हद के कवनो,
हिसाब काहे नईखे,
किस्मत के सवाल के,
कवनो जबाब काहे नईखे...!!!
उ मिलल भी त का मिलल,
बनके बेवफा मिलल,
इतना भी हमर गुनाह ना रहे,
जितना हमारा के सजा मिलल...!!!
फ़र्ज जे रहे हमर हम निभा देहनी,
उ मांग लक जे हम सब दे देहनी,
उ सुन के दोसर केहू के बतिया हो गइल बेवफा,
समझ के ओकर ख्वाब हम भुला देहनी...!!!
बीना बतवले उ ना जाने काहे हमसे दूरी,
क लिहलन बिछड केऊ हमार मुहबबत ,
अधूरे छोर दिहलन...!!!!
निशा जब नीला आँचारा मे सबका समावेले,
त अईसे मे जाने काहे रौरे याद आवेले...!!!
बेवफाई ओकरा दिल से,
मिटा के आईनी,
खत के भी पानी मे,
डूबा के आईनी,
केहू पढ़ न सके ओकर याद के,
यही से पानी मे भी अगिया लगा के आइनी...!!!
कइसे खतम कर सकीला,
उनका से आपन रिसता,
जिनका बारे मे बस सोचते ही,
सारा दुनिय़ा भूल जाइला हम...!!!
एक गजल तोहरा लेल जरूर लिखअब,
बे हिसाब वो में तोहर कसूर लिखअब,
टूट गईल बा बचपन के सारा खिलौना,
अब दिलवा खेलल तोहर दस्तूर लिखअब...!!!
सब त रूठ ले रहल हमसे,
एगो तू हु रूठ गईला त,
कउनो बात नाही,
हम त कबसे रहली एकेलै,
जे तुहूँ छोड़ गईला त,
कउनो बात नाही ...!!!!
रूह समाईल बाई देह मे देह इ जहान,
मे फसल बा ज़िंनगी ईहे सिलसिला से बस,
आगे बढ़ रहल बा...!!!
पलक में आँशु के सजावल ना गईल,
उनको के भी दिल के हाल बतावल ना गईल,
जख्म से चूर चूर रहुये ई कलेजा हमार,
बाकिर एगो जख्म उनका से देखावल ना गईल...!!!
ई सजल मएफिल के बाहर बडू तू,
हमारा अंखिया के इंतिजार बडू तू,
हमारा जिंदगी के पहिला प्यार बडू तू...!!!!
के रात दिन बस तोहरे के याद,
करीला हमार अंखियां मे लोर तो,
हरे प्यार के रहिला...!!!
मोहब्बत पर य़ेतना यकिन ना रहे,
जेतना तहरा पर बा,
बस येतना खयाल रखिह,
अगर वफा ना सकेल त,
धोखा भी मत दीह....!!!
चुपके से आ के,
हमारा दिल मे समा जालु,
सास में भी,
खुशबू बन के बिखर जालू,
कुछ आइसने भईल बा,
तोहरा से प्यार
सुतलो में और जगलो में,
बस तुही नजर आवेलु....!!!
उजरल घर मे अब केके ढूँढ़त बाड तु,
बरबाद भईला पर ओकर,
ठिकाना ना रहेला....!!!
हर कोई पूछत ता,
इ आँख में नमी काहे बा,
कइसे कही की इ आँख में,
आसू के वजह रउवे बानी,
जियत बानी जिंदगी लेकिन
हमर जीये के वजह भी रउवे बानी..!!!
प्यार के दिया जला के त देख ल,
तइका सा दिल के दुनिया सजा के त देख ल,
तोहरो के ना होई प्यार त कही ह,
तइका हमरा से अंखिया मिला के देख ल...!!!!
दिल रो अता तहरा बिना ई बताई कइसे,
आपन अर्थी खुद ढोव तानी ई बताई कइसे,
तूत रह रहल बाडू ससुराल मे खुशी खुशी...!!!
तन्हाई के हद के कवनो,
हिसाब काहे नईखे,
किस्मत के सवाल के,
कवनो जबाब काहे नईखे...!!!
उ मिलल भी त का मिलल,
बनके बेवफा मिलल,
इतना भी हमर गुनाह ना रहे,
जितना हमारा के सजा मिलल...!!!
फ़र्ज जे रहे हमर हम निभा देहनी,
उ मांग लक जे हम सब दे देहनी,
उ सुन के दोसर केहू के बतिया हो गइल बेवफा,
समझ के ओकर ख्वाब हम भुला देहनी...!!!
बीना बतवले उ ना जाने काहे हमसे दूरी,
क लिहलन बिछड केऊ हमार मुहबबत ,
अधूरे छोर दिहलन...!!!!
निशा जब नीला आँचारा मे सबका समावेले,
त अईसे मे जाने काहे रौरे याद आवेले...!!!
बेवफाई ओकरा दिल से,
मिटा के आईनी,
खत के भी पानी मे,
डूबा के आईनी,
केहू पढ़ न सके ओकर याद के,
यही से पानी मे भी अगिया लगा के आइनी...!!!
कइसे खतम कर सकीला,
उनका से आपन रिसता,
जिनका बारे मे बस सोचते ही,
सारा दुनिय़ा भूल जाइला हम...!!!
एक गजल तोहरा लेल जरूर लिखअब,
बे हिसाब वो में तोहर कसूर लिखअब,
टूट गईल बा बचपन के सारा खिलौना,
अब दिलवा खेलल तोहर दस्तूर लिखअब...!!!
सब त रूठ ले रहल हमसे,
एगो तू हु रूठ गईला त,
कउनो बात नाही,
हम त कबसे रहली एकेलै,
जे तुहूँ छोड़ गईला त,
कउनो बात नाही ...!!!!
रूह समाईल बाई देह मे देह इ जहान,
मे फसल बा ज़िंनगी ईहे सिलसिला से बस,
आगे बढ़ रहल बा...!!!
पलक में आँशु के सजावल ना गईल,
उनको के भी दिल के हाल बतावल ना गईल,
जख्म से चूर चूर रहुये ई कलेजा हमार,
बाकिर एगो जख्म उनका से देखावल ना गईल...!!!

