Khwab sad shayari on life in hindi

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Khwab sad shayari on life in hindi





इश्क़ तो बस मुक़द्दर है,
कोई ख्वाब नहीं,
ये वो मंज़िल है
जिस में सब कामयाब नहीं...!!!




ये जब है कि इक ख़्वाब से रिश्ता है हमारा,
दिन ढलते ही दिल डूबने लगता है हमारा...!!!




मेरी ज़िन्दगी की हर शाम का
भी एक सवेरा है, 
हकीक़त से हारी हूँ,
मेरे ख़्वाबों में तो वो मेरा है...!!!!




देखे थे जितने ख़्वाब ठिकाने लगा दिए,
तुम ने तो आते आते ज़माने लगा दिए..!!!




आँखों की है ये ख्वाहिशें कि,
चेहरे से तेरे ना हटें, 
नींदों में मेरी बस,
तेरे ख्वाबों ने ली हैं करवटें...!!!




रात आंगन में चांद उतरा था,
तुम मिले थे कि ख़्वाब देखा था...!!!




कुछ ख़्वाब थे जो हकीकत में टूटे हैं,इ

इल्ज़ामकिसे दें हम ही झूठे हैं...!!!




आंखें खुलीं तो जाग उठीं हसरतें तमाम,
उस को भी खो दिया जिसे पाया था ख़्वाब में...!!!

कुछ ख़्वाब थे,
जो रात भर आने को अड़े रहे, 
मैंने भी नींद नहीं ली,
वो भी दरवाज़े पर खड़े रहे...!!!!




ख़्वाब होते हैं देखने के लिए,
उन में जा कर मगर रहा न करो...!!




बीती शब ख्वाब में हम उसके आगोश में रहे,
ख्वाब ही सही मगर कुछ पल उसके पास तो रहे...!!!




इक मुअम्मा है समझने का न समझाने का,
ज़िंदगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का...!!!




इस से आगे तो बस ख़्वाब ही ख़्वाब थे
मैंने उस को मुझे उस ने देखा बहुत...!!!




और तो क्या था बेचने के लिए...
अपनी आँखों के ख़्वाब बेचे हैं....!!



ख़्वाब ही ख़्वाब कब तलक देखूं,
काश तुझ को भी इक झलक देखूं...!!



हर एक रात को महताब देखने के लिए,
मैं जागता हूँ तिरा ख़्वाब देखने के लिए...!!!



ख़्वाब तुम्हारे आते हैं,
नींद उड़ा ले जाते हैं...!!!



कुछ ख्वाब तुमने तोड़ दिए,
बाकी मैनें देखने छोड़ दिए...!!




अब मुझे नींद ही नहीं आती
ख़्वाब है ख़्वाब का सहारा भी...!!!




ये जब है कि इक ख़्वाब से रिश्ता है हमारा,
दिन ढलते ही दिल डूबने लगता है हमारा...!!!

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