Khwab sad shayari on life in Hindi
ख्वाब का रिश्ता हकीकत से न जोड़ा जाए...
आइना है, इसे पत्थर से न तोड़ा जाए!!
ख्वाब आंखो से गए, नींद रातों से गई,
वो गया तो ऐसे लगा, जिंदगी हाथों से गई...
आंखों में जो भर लोगे तो कांटो से चुभेंगे...
ये ख्वाब तो पलको पे सजाने के लिए हैं
आंख खुली तो जाग उठी हसरतें तमाम,
उस को भी खो दिया,जिसे पाया था ख्वाब में
देखी थी एक रात तिरी ज़ुल्फ़ ख़्वाब में
फिर जब तलक जिया मैं परेशान ही रहा...!!
हमसफ़र न बन सके, हमराज बनकर रह गए,
तुम हमारी हसरतों का,ख्वाब बनकर रह गए
कहानी लिखते हुए दास्ताँ सुनाते हुए....
वो सो गया है मुझे, ख़्वाब से जगाते हुए...!!
अभी वो आंख भी सोई नहीं हैं...
अभी वो ख्वाब भी जागा हुआ है...!!
तसव्वुर,ख्वाब,दरवाजे,दरिचे
कोई आये तो,कितने रास्ते है...!
एक हल्की सी झलक क्या मिली मिली
बेचैन नज़रों को
हजारों ख्वाब दिल ने देख डाले चंद लम्हों में.!!
कभी छूकर गुजरना हमें,कोई ख्वाब बनकर...
हम तुम्हें जी लेंगे किसी हकीकत की तरह...
कभी जो ख्वाब था,वो पा लिया है
मगर जो खो गई,वो चीज क्या थी..!
शाम से वो जिद पर अड़े हैं,
कुछ ख्वाब पलको पर खड़े है...!
यहीं है जिंदगी,कुछ ख्वाब चंद उम्मीदें
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
यादों के बक्शे में बंद हो गया एक और दिन,
ख्वाबों के पन्नों को खोल कर बैठी है रात फिर से...!!
मत बताना एं बिछड़ जाए,तो क्या होगा..
नई नस्लों को नए ख्वाब सजाने देना...!!
अा भी जाओ मेरी आंखो के रूबरू अब तुम,
कितना ख्वाब में मुझे और तलाशा जाए..!!
तरसेगा जब दिल तुम्हारा मुलाकात को,
वादा है ख्वाबों में होंगे हम उसी रात को...!!
ख्वाब होते हैं देखने के लिए...
उनमें जा कर, मगर रहा ना करो...!!!
तुझे ख्वाबों में पा कर, दिल का करार खो ही जाता हैं
मै जितना रोकूं खुद को, तुमसे प्यार हो ही जाता हैं
उलझे हैं कब से इसी सवाल में
आते है हम भी क्या, कभी तेरे ख्याल में..
और तो क्या था बेचने के लिए..!
अपनी आंखो के ख्वाब बेचे है..!
चूमा है अपनी आंख को रख रख के आईना,
जब भी हुई हैं ख्वाब में जियारत जनाब की..!
छू जाते हो तुम मुझे हर रोज,
एक नया ख्वाब बनकर..!
ये दुनिया तो खामखां कहती है कि,
तुम मेरे करीब नहीं...!!
रात बड़ी मुश्किल से खुद को सुलाया है मैने
अपनी आंखो को तेरे ख्वाब का लालच देकर...!

