kismat sad shayari in hindi
हँस हँस के जवां दिल के,
हम क्यों न चुनें टुकडे,
हर शख्स की किस्मत में,
इनाम नहीं होता....!!!!
मेरे हवास इश्क़ में क्या कम हैं,
मजनूँ का नाम हो गया क़िस्मत की बात है..!!!
सच देखना भी हर किसी के,
वश में नहीं होता,
इंसान भी बेबस है,
अपनी किस्मत के आगे...!!!
मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर,
थक गया हू ऐ खुदा,
किस्मत मे कोई ऐसा लिख दे,
जो मौत तक वफा करे...!!!
हमारे किस्मत में लिखा था रोना,
ना जाने तुम कहाँ से,
हँसाने वाले मिल गए...!!!
मिलना था इत्तेफ़ाक बिछड़ना नसीब था,
वो इतना दूर हो गया जितने क़रीब था...!!!
ये न थी हमारी क़िस्मत कि,
मिसाल ए यार होता,
अगर और जीते रहते,
यही इंतज़ार होता...!!!
हम क्यों न चुनें टुकडे,
हर शख्स की किस्मत में,
इनाम नहीं होता....!!!!
मेरे हवास इश्क़ में क्या कम हैं,
मजनूँ का नाम हो गया क़िस्मत की बात है..!!!
सच देखना भी हर किसी के,
वश में नहीं होता,
इंसान भी बेबस है,
अपनी किस्मत के आगे...!!!
मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर,
थक गया हू ऐ खुदा,
किस्मत मे कोई ऐसा लिख दे,
जो मौत तक वफा करे...!!!
हमारे किस्मत में लिखा था रोना,
ना जाने तुम कहाँ से,
हँसाने वाले मिल गए...!!!
मिलना था इत्तेफ़ाक बिछड़ना नसीब था,
वो इतना दूर हो गया जितने क़रीब था...!!!
ये न थी हमारी क़िस्मत कि,
मिसाल ए यार होता,
अगर और जीते रहते,
यही इंतज़ार होता...!!!
किसी कशमकश में रहा होगा खुदा भी,
जो उसने मुझे तो,
तेरी किस्मत में लिखा पर,
तुझे मेरी किस्मत में नहीं लिखा...!!!
हाथ में चाँद जहाँ आया मुक़द्दर चमका,
सब बदल जाएगा क़िस्मत का लिखा जाम उठा...!!!
कितने सच कितने अफ़साने,
कैसी ये रेखाओं की बस्ती है,
वही मुकम्मल है ताने बाने,
जो ये किस्मत बुना करती है...!!!
इंसान की किस्मत कितनी भी अच्छी,
क्यों ना हो, उसकी कुछ ख्वाहिशे,
अधुरी रह ही जाती है...!!!!
किस्मत में सब लिखी थी,
तेरा नाम का पन्ना छोड़ के...!!!!
किसी के तुम हो,
किसी का ख़ुदा है दुनिया में,
मेरे नसीब में तुम भी नहीं,
ख़ुदा भी नहीं...!!!!
किस्मत की लकीरें भी आज इठलाई है,
तेरे नाम की मेहँदी जो हाथों पर रचाई है..!!!
रुलाया ना कर हर बात पर,
जिंदगी जरूरी नहीं सबकी किस्मत में,
चुप कराने वाले हो..!!!!
कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा,
मुझे मालूम है क़िस्मत का लिक्खा भी बदलता है
..!!!
जिंदगी में चुनौतियां हर किसी के,
हिस्से में नहीं आती है,
क्योंकि किस्मत भी,
किस्मत वालों को ही आजमाती है..!!!
लेके अपनी अपनी क़िस्मत,
आए थे गुलशन में गुल,
कुछ बहारों में खिले,
कुछ ख़िज़ाँ में खो गए...!!!!
कुछ लोग किस्मत के मारे,
और अपनों के सताए होते है...!!!!
ख़राब हम नहीं हमारी किस्मत है,
जहां भी जाते है,
अकेले ही रह जाते है...!!!
रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं,
गले मिलने को,
मैं जो सोता हूँ तो,
जाग उठती है क़िस्मत मेरी...!!!!
बाज़ी ए इश्क़ में हमारी किस्मत तो देखिये,
चार इक्के थे हाथ में और बेग़म से हार गये...!!!
मुक़द्दर की लिखावट का,
एक ऐसा भी काएदा हो,
देर से किस्मत खुलने वालो का,
दुगुना फायेदा हो...!!!
सच देखना भी हर किसी के वश में नहीं होता,
इंसान भी बेबस है अपनी किस्मत के आगे...!!!!
मैंने लोगों को बदलते देखा है,
फिर किस्मत क्या चीज है...!!!!
खरीद सकते तो उन्हें,
अपनी जिंदगी बेचकर खरीद लाते,
पर अफसोस कुछ लोग,
कीमत से नही किस्मत से मिलते हैं...!!!
किस्मत की लकीरें अब,
दर्द बयां करने लगी है
जब से वो बेवफा,
मेरी जिंदगी से दूर गयी है..!!!
हर तरफ़ छा गए,
पैग़ाम.ए.मोहब्बत बन कर,
मुझ से अच्छी रही,
क़िस्मत मेरे अफ़्सानों की...!!!!
कितना है बद-नसीब दफ़्न के लिए
दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में..!!!
जैसे बिछड़ने की जल्दबाजी हो,
मिलकर भी ऐसे बिछड़ना हुआ,
जैसे कायनातए किस्मत की,
जालसाजी हो....!!!!
बदलता नहीं ये किस्मत कैसी है इसकी फितरत,
सोचता हूँ खरीद लू पर लेता नहीं ये रिश्वत...!!!!
हर बार दर्द दिया है किस्मत ने,
अब कौन कहे की किस्मत का दोष है,
सब मुझे दोषी मान चुके हैं...!!!!
कल भी मन अकेला था आज भी अकेला है,
ना जाने मेरी किस्मत ने कैसा खेल खेला है.!!!!
अब किस्मत पर कैसा भरोसा जनाब,
जब जान से प्यारे लोग बदल गए,
तो किस्मत भी एक दिन बदल जाएगी..!!!
दूर होना किस्मत में था,
अलग होना चाहत थी तुम्हारी...!!!
कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा,
मुझे मालूम है क़िस्मत का लिखा भी बदलता है..!!!
सूरत कितनी ही 'खुबसुरत क्यो न हो,
नसीब की मोहताज हुआ करती है..!!!
इतना बुरा तो नहीं,
जितना बताया जाता हूँ,
मेरी किस्मत बुरी है,
बस इसलिए ठुकराया जाता हूँ..!!!!
मेरे हिस्से गर होता तेरा किस्मत लिखना,
तो दुनिया की सारी खुशी,
तेरे कदमो में होती...!!!!
दिल के रिश्ते किस्मत से मिलते है,
वरना मुलाक़ात तो हजारों से होती हैं...!!!
मेरे लिखने से अगर बदल जाती किस्मत तो,
हिस्से में तेरे सारा जहाँ लिख देती..!!!
तेरे कदमो में होती...!!!!
दिल के रिश्ते किस्मत से मिलते है,
वरना मुलाक़ात तो हजारों से होती हैं...!!!
मेरे लिखने से अगर बदल जाती किस्मत तो,
हिस्से में तेरे सारा जहाँ लिख देती..!!!
एक ही ख्वाब देखा है कई बार मैंने,
तेरे की हाथों में,
उल्झी चाबियां मेरी किस्मत...!!!
बद-क़िस्मती को ये भी गवारा न हो सका,
हम जिस पे मर मिटे वो हमारा न हो सका..!!!
मेरा कसूर नहीं,
ये मेरी किस्मत का कसूर है,
जिसे भी अपना बनाने की कोशिश करता,
हूँवो ही दूर हो जाता है..!!!
खोना चाहता मैं तुझे किसी क़ीमत में नहीं,
मगर क्या करूँ जब तू क़िस्मत में नहीं..!!!
कुछ लोग किस्मत की तरह होते हैं,
हर बार धोखा दे जाते हैं..!!!!
जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनसे प्यार कसम से शिद्दत से होता है..!!!
खोना चाहता मैं तुझे किसी क़ीमत में नहीं,
मगर क्या करूँ जब तू क़िस्मत में नहीं..!!!
कुछ लोग किस्मत की तरह होते हैं,
हर बार धोखा दे जाते हैं..!!!!
जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनसे प्यार कसम से शिद्दत से होता है..!!!

