Tehzeeb hafi shayari in hindi
हेलो दोस्तों गुड मॉर्निंग कैसे हो आप उम्मीद करता हु आप लोग अच्छे ही होंगे दोस्तों आज में आपके लिए लेकर आया हूं तहजीब हाफी की बहुत ही अच्छी अच्छी दिल को छूने वाली शायरी उम्मीद करता हु आपको बहुत पसंद आएगी मुझे भी हाफी की शायरी बहुत पसंद है इसके अलावा पंजाबी में बहुत ही अच्छी अच्छी ओर दुखी करने वाली पंजाबी शायरी पंजाबी लव शायरी, पंजाबी अनमोल वचन
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मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे,
जैसे तुमने वक़्त को हाथ में रोका हो,
सच तो ये है तुम आँखों का धोख़ा हो,
भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है,
मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है...!!!
इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया,
मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है,
जब तुम ने ही साथ नहीं रहना,
फिर पीछे क्या रह जाता है...!!!
वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके,
मेरा दिल भी जैसे ........है,
सब हुकूमत करके बाहर जा चुके...!!!
पर तेरे बिना दिल ने साथ देना छोड़ दिया...!!!
मगर तमाम रात दिल से माँ का डर नही गया,
बस एक दुख जो उम्रभर मेरे दिल से ना जायेगा,
उसे किसी के साथ देख कर मै मर नही गया,
जो मेरे साथ मोहब्बत मे हुई आदमी एक दफा सोचेगा,
रात इस डर मे गुजारी हमने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा...!!!
हमारे साथ कौन सा ये पहली मर्तबा हुआ,
अजल से इन हथेलियो मे हिज्र की लकीर थी,
तुम्हारा दुख तो जैसे मेरे हाथ मे बड़ा हुआ,
मेरे खिलाफ दुशमनो की सफ मे है वो और मै,
बहुत बुरा लगुंगा उस पर तीर खेंचता हुआ,
किसी को मौत से तो कोई क्या बचा मगर,
तू आ गया तो जैसे एकदम से दिल बड़ा हुआ,
ये कायनात कम पड़ेगी तेरे खद्द-ओ-खाल को,
अभी तो सिर्फ एक जुबां मे तेरा तर्जुंमा हुआ...!!!
कि घर में हम नई अलमारियाँ बनवा रहे हैं...!!!
लेकिन तुमने इतने प्यार का करना क्या होता है...!!!
मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो,
तो फिर ये बताओ कि तुम उसकी,
आंखों के बारे में क्या जानते हो,
ये ज्योग्राफिया, फ़लसफ़ा,
साइकोलाजी, साइंस, रियाज़ी वगैरह,
ये सब जानना भी अहम है,
मगर उसके घर का पता जानते हो..!!!
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है,
किसे ख़बर है कि उम्र बस उस पे,
ग़ौर करने में कट रही है,
कि ये उदासी हमारे जिस्मों से,
किस ख़ुशी में लिपट रही है...!!!
पर अब भी खुद को समझा रहे हैं,
गलतियों से ही सही,
अपने आप को पहचान रहे हैं,
गले तो लगना है उस से,
कहो अभी लग जाए,
यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए,
इसीलिए तो सबसे ज़्यादा भाती हो,
कितने सच्चे दिल से झूठी क़समें खाती हो...!!!
कि घर में हम नई अलमारियाँ बनवा रहे हैं...!!!
तुम जिसको छू लेती हो वो मर जाता है,
क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं,
वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं,
मेरे आँसू नही थम रहे कि वो मुझसे जुदा हो गया,
और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया...!!!
अभी तो मैं ने वो बदन छुआ नहीं...!!!
मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा,
तुम मुझे ज़हर लगते हो और,
मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा...!!!
कितने सच्चे दिल से झूठी क़समें खाती हो...!!!
चेहरा बदला रस्ता बदला बाद मे घर बदला,
मै उसके बारे मे ये कहता था लोगो से,
मेरा नाम बदल देना वो शख्स अगर मुझसे बदला,
वो भी खुश था उसने दिल देकर दिल माँगा है,
मै भी खुश हुँ मैने पत्थर से पत्थर बदला,
मैने कहा क्या मेरी खातिर खुद को बदलोगे,
और फिर उसने नजरे बदली और नंबर बदला...!!!
उस पर पानी फेंक के देखो,
कच्ची मिट्टी जैसा है...!!!
इन हवाओ से कोई पूछने वाला भी नही...!!!
मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है...!!!
मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता,
चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है,
पर उसके पीछे उसके घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता...!!!
यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए,
मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं,
तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए...!!!
हमको सब कुछ पता चल रहा है,
उसने शादी भी की है किसी से और,
गावों में क्या चल रहा है...!!!
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है...!!!
मैं भीग जाऊँगा छतरी नहीं बनाऊँगा...!!!

