Anmol vachan in hindi for life 003

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Anmol vachan in hindi







सुबह से शाम तक काम कर के,
आदमी उतना नहीं थकता जितना,
क्रोध और चिंता से पल भर में,
थक जाता हैं...!!!!




क्रोध में हो तो बोलने से पहले 10 तक,
गिनती करो,ज्यादा क्रोध में हो तो 100तक...!!!




वृक्ष अपने काटने वालों को भी,
फल और छाया देता हैं...!!!





क्षमा कर देना दुश्मन पर,
विजय पा लेना है...!!!





कर्मो की आवाज शब्दों से कहीं ज़्यादा,
ऊंची होती हैं...!!!





कर्म वह आइना है जो हमारा स्वरूप हमें,
दिखा देता हैं इसलिए हमें कर्म का,
एहसानमंद होना चाहिए....!!!!





कल्पना विश्व पर शासन करती हैं...!!!




संसार में सबसे ज्यादा दयनीय कोन है,
जो सबसे ज्यादा धनवान  होकर भी कंजूस है....!!!!





आज के कष्ट का सामना करने वाले,
के पास कल के आने वाले कष्ट घबराते है...!!!





एकता चापलूसी से कायम,
नहीं की जा सकती...!!!!





संसार के दुखियों में पहला दुखी निर्धन है,
उससे दुखी वह हैं जिसे किसी का ॠण,
चुकाना हो,
इन दोनों से अधिक दुखी वह हैं,
जो सदा रोगी रहता हो, और सबसे
अधिक वह जिसकी पत्नी दुष्टा हो...!!!





विचित्र बात है कि सुख की अभिलाषा,
मेरे दुख का एक अंश हैं....!!!!





एक बात जो में दिन की तरह स्पष्ट,
देखता हूं कि दुख का कारण अज्ञान है,
और कुछ नहीं....!!!!





पाप का संचय ही,
दुखों का मूल कारण है...!!!






साधारण लोग अपनी हर बुराई का दोषी,
किसी और को ठहराते हैं...!!!





तू दूसरों की आंख का तिनका क्यों देखता है,
अपनी आंख का शहतीर तो निकाल...!!!





उठो, जागो और तब तक रुको नहीं,
जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो जाएं...!!!!





मूर्ख आदमी अपने बड़ा से बड़ा दोष,
अनदेखा करता है किन्तु दूसरों के छोटे से
छोटे दोष को देखता है...!!!





जो निर्बलों पर दया नहीं करते,
उन्हें स्वयं दूसरों के अत्याचार सहन,
करने पड़ेंगे...!!!!





दया चरित्र को सुंदर बनाती हैं...!!!






सब पर दया करनी चाहिए क्युकी ऐसा कोई,
नहीं  जिसने अपराध नहीं किया हो...!!!






सबूत का दिखाया जाना और तर्क का,
सुनाया जाना उचित समय पर होना चाहिए...!!!





तुम्हारा बायां हाथ जो देता हैं,
उस दायां हाथ ना जानने पाए...!!!






दान देकर तुम्हे खुश होना चाहिए,
क्योंकि मुसीबत दान की दीवार,
कभी नहीं फांदती...!!!!





हमारे कफ़न में जेब नहीं,
लगाई जाती....!!!!

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