Best dhokha sad shayari 2 line
जो उन मासूम आंखों ने दिए थे
वो धोखे आज तक मै खा रहा हूं
हमें लगा हमें देख कर मुस्कुराना सिखा हैं उन्होंने
पर वो तो पैसों से मुस्कुराया करते थे
आदमी जान के खाता है मोहब्बत में धोखा
खुद फरेबी ही मोहब्ब्त का सिला हो जैसे
कितनी आसानी से दूसरों को धोखा दे देते हैं लोग,
खुद पर आए तो मुंह फेर लेते हैं लोग !
रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते है
अब तेरा जिक्र होने पर हम बात बदल देते हैं
मेरे बाद वफ़ा का धोखा और किसी से मत करना
गाली देगी दुनिया तुझ को सर मेरा झुक जाएगा
जिन्दगी की हर मोड़ पर धोखेबाज मिलें,
उनमें पराये कम, अपने ज्यादा मिलें !
किसी का यूँ तो हुआ कौन उम्र भर फिर भी
ये हुस्न ओ इश्क़ तो धोका है सब मगर फिर भी
धीरे से इज़हार फिर प्यार और अब बेवफाई,
बड़ी चालाकी से उस धोखेबाज ने मुझे बर्बाद कर दिया !
ज़ख़्म लगा कर उस का भी कुछ हाथ खुला
मैं भी धोका खा कर कुछ चालाक हुआ
तुमसे प्यार तो ना मिला ये धोखा ही निशानी है
बरसों गुज़र गए पर अधूरी हमारी कहानी है !
एक सफ़र में कोई दो बार नहीं लुट सकता
अब दोबारा तेरी चाहत नहीं की जा सकती
मैंने प्यार जितनी तसल्ली से किया,
उसने धोखा भी बहुत मजे से दिया !
तेरे वादों पे कहाँ तक मिरा दिल फ़रेब खाए
कोई ऐसा कर बहाना मेरी आस टूट जाए
धोखे में रखा उसने
फिर भी हम उसके दीवाने हैं...!
धोखे की अदा तुमसे बेहतर कोई नहीं जानता,
पर मुझे बेवफा कहने का तुम्हें कोई हक नहीं।
दिखाई देता है जो कुछ कहीं वो ख़्वाब न हो
जो सुन रही हूँ वो धोखा न हो
अधूरी मोहब्बत की कसक आज भी दिल में है,
वो धोखा जो तुमने दिया था, उसकी चुभन आज भी दिल में है।
वो धोखे पे धोखा दिए जाए लेकिन
ये दिल फिर भी उस की सिफ़ारिश करे है

