sad alone boy shayari in hindi
जो जितना साथ रहा,
उसका उतना सुक्रिया...🙏
अगर ना ढूंढ़ पाओ मुझमें दोष कोई...
तो सम्पर्क मेरे रिश्तेदारों से करना...
जो पत्थर हो चुके है,
वो अपने हिस्से का रो चुके हैं
बदल दिया है मुझ मेरे चाहने वालों ने मुरसद...
वर्ना मुझ जैसे इंसानों में इतनी खामोशी कहा थी....
वक़्त ने सब कुछ सिखाया...!
पर वक़्त पर नहीं सिखाया....!
लौट आती हैं हर बार दुआ मेरी खाली...
न जाने कितनी ऊंचाई पर खुदा रहता हैं...!
झुटों के बीच में सच बोल बैठा...!
वो नमक का शहर था,
और मैं अपने में ज़ख्म खोल बैठा...!
!!कभी कभी खुद की बड़ी याद आती हैं!!
!! कि में क्या से क्या हो गया देखते देखते!!
तीसरे की क्या ओकात जो रिश्ता खत्म करवा दे
रिश्ता तब खत्म होता है,
जब कोई अपना ही बेईमान हो जाए
पसंद तो वो आज भी है पर...
उस भूल जाना ही बेहतर होगा...
उसके इलज़ाम लगाने का तरीका ही ऐसा था
की हमने खुद ही अपने खिलाफ गवाही दे दी
फैमिली खुश रहे बस...!!
मेरा क्या मैं तो लड़का हूं...!!
मैने महगें कपड़ों में घटिया लोग और
सस्ते कपड़ों में महंगे लोग देखे है...!
आज भी देखता हूं तस्वीर उसकी
आज भी उस से प्यारा कोई नहीं लगता...!!
हंसकर खोना और खोकर हंसना
दोनों में बहुत हिम्मत चाहिए...!!
एक ही चेहरे पर खत्म हो गई
जिंदगी की सारी ख्वाहिशें...!
आज मैं खुद अकेला रह गया
दूसरों का साथ देते देते...!
जब समय खराब हो तो लोग
आपका हाथ नहीं गलतियां पकड़ते हैं...!
सारा दिन लग जाता है खुद को समेटने में
फिर रात की यादों की हवा चलती हैं, और हम फिर से बिखर जाते है
बड़ी मुश्किल से एक इंसान पर भरोसा किया था मैने
उसी ने हो साबित कर दिया, कि दुनिया भरोसे के लायक नहीं है
अधूरे से बालक हां साहब
ना नींद पूरी होती हैं ना सपने...!
क्या गुरूर करना अपनी अच्छाई पर
किसी की कहानी में हम भी गलत है...!
हर रिश्ते को खुला छोड़िए जो अपना होगा जाएगा नहीं
मतलबी ठहरेगा नहीं
हम खामोश ही ठीक है साहब
हमारी बातों से लोग रूठते बहुत है...!
मै अकेले रहने से कभी नहीं थकता,
मै थकता हूं तो लोगो के बीच बैठकर झुटी मुस्कुराहट करते करते...!

