Sad love shayari in hindi
मैं हूँ दिल है तन्हाई है,
तुम भी होते अच्छा होता..!!!
तुम भी होते अच्छा होता..!!!
बस मेहनत और सोच से ही सब कुछ नहीं बदलता,
किस्मत के आगे किसी और का नहीं चलता..!!!!
ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने,
बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला..!!!!
जिसको आज मुझमे हजारो गलतिया नजर आती हैं,
कभी उसी ने कहा था तुम जैसे भी हो मेरे हो...!!!
हमको मन्जूर नहीं,
फिर से बिछड़ने का अज़ाब,
इसलिए तुझसे मुलाकात नहीं चाहते अब..!!
गलत को पता नहीं था,
की वो कितना गलत है,
वरना सही होने कि राह पे होता वो भी..!!!
ख़ुशी के दौर तो मेहमाँ थे आते जाते रहे,
उदासी थी कि हमेशा हमारे घर में रही..!!!
जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए,
तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया..!!!
दर्द लिपटा हुआ है मुझ में इस कदर,
सुख के लम्हे भी अजीब लगते हैं..!!!
ए जिंदगी तेरे कायदे भी बड़े अजीब है,
सब्र के मीठे फल के चक्कर में,
वक्त गवाना कहाँ तक ठीक है..!!!
मैं ने कहना तो था पर कहा ही नहीं,
था जो दिल में गिला वो गया ही नहीं..!!!
कभी कुछ समझते, कभी थोड़े हँसते,
कभी कुछ बातों को टाल गए,
ये रिश्ते बचाते बचाते हम,
जिंदगी से हार गए..!!!
यह शहर ज़ालिमों का है साहब,
जरा संभल कर चलना,
यहां सीने से लगाने वाले लोग,
अक्सर दिल निकाल लिया करते है..!!!
उम्मीद अब किसी से नहीं करते,
सब मतलबी निकल गए है,
मोहब्बत अब खुद से करता हु,
अब अपनी जिंदगी बदल रहे है..!!!
तुम्हे तो हमने जिंदगी का,
हर दुःख बताया था यार,
तुम्हारा तो हक नही बनता था,
हमे दुख देने का..!!!!
एक सुकून की तलाश में,
बेचैनियाँ पाल ली हैं,
और लोग कहते है हमने,
ज़िन्दगी सम्हाल ली है..!!!!
तुम किस मोहब्बत की बात करते हो यार,
वो जिसे आजकल दौलत खरीद लिया करती है..!!!
वो अपने काम से हमें मिलाने आये,
हमने सोचा हमारी दुआएं कुबूल हो गयी..!!!
इतनी जालिम ना बनो तुम,
कुछ तो रहम करो,
तुमपे मरने लगे है,
तो क्या मार ही डालोगी..!!!!
हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को,
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया..!!!
मुहब्बत की दुनिया में आया तो पता चला,
यहाँ हर वो शख्स तन्हा है,
जिसने वफा की उम्मीद की है..!!!
अब तेरी आरजू किसे है,
हम तो तेरी बात भी नही किया करते..!!!
ए जिंदगी अब ऐसे ना रुलाया कर मुझे,
मेरी परवाह करने वाले कबके चले गए..!!!
कभी कहती थी वो तुम मेरे चाँद हो,
मै तुम्हे हर रोज छत से देखा करती हु,
आज चाँद से रूबरू हुआ तो वो,
भी मेरी हालत पर रोने लगा..!!!
ये और बात कि चाहत के ज़ख़्म गहरे हैं,
तुझे भुलाने की कोशिश तो वर्ना की है बहुत..!!!
सुपुर्द कर के उसे चाँदनी के हाथों में,
मैं अपने घर के अँधेरों को लौट आऊँगी..!!!
कोई तो ऐसा घर होता जहाँ से प्यार मिल जाता,
वही बेगाने चेहरे हैं जहाँ जाएँ जिधर जाएँ...!!!
बस ख्वाब दिखाती रही मुझे,
सोने नहीं दिया,
अच्छे तेरे ख्याल थे मुझे रोने नहीं दिया...!!
तुमने आज इतना अकेला कर दिया है मुझे,
के अब मै अपने आप से भी खफा रहने लगा हूँ..!!!!
आजकल मोहब्बत किसी रोज़गार की तरह हो गई है,
इसमे रोने वालों की संख्या अक्सर ज्यादा ही मिलेगी...!!!!!
मैं रोना चाहता हूँ ख़ूब रोना चाहता हूँ मैं,
फिर उस के बाद गहरी नींद सोना चाहता हूँ मैं...!!!
मत देख मेरी आँखो में,
बिलकुल खाली हैं यार,
चंद ख्वाब थे जिन्हे अभी,
दफ़ना के आया हूँ..!!!
तुम्हे शायद अब यह बात याद भी न हो,
मगर वो तुम्ही थी न जो मेरे लिए,
रात रात भर जागा करती थी..!!!
तुम्हारी यादो में खूब रोने के बाद,
मै अपनी बर्बादी पर जी भर के हँसा हूँ...!!!
सब कुछ बदल गया धीरे धीरे,
प्यार वक़्त और वो शख्स भी..!!!
वो कहते है न बुरे वक़्त में कोई साथ देने वाला नहीं होता,
और सिर्फ दो चार जुगनुओ से उजाला नहीं होता…!!!!
वो बेहतर तक़दीर बनाने आये थे मेरी,
रुख़्सत हुए तो और भी तबाह कर गए…!!!!

